विधायक अनंत प्रताप देव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर परीक्षा (J-TET) में क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में संशोधन कर गढ़वा और पलामू जिलों के लिए भोजपुरी और मगही भाषाओं को शामिल करने की मांग

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श्री बंशीधर नगर:–विधायक अनंत प्रताप देव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) में क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में संशोधन कर गढ़वा और पलामू जिलों के लिए भोजपुरी और मगही भाषाओं को शामिल करने की मांग की है।विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा जारी सूची में पलामू प्रमंडल के गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के लिए केवल कुड़ुख और नागपुरी भाषाओं को शामिल किया गया है। जबकि गढ़वा और पलामू जिले बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से सटे हुए हैं, जहाँ भोजपुरी और मगही भाषाओं का व्यापक प्रभाव है। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग इन भाषाओं को बोलते, पढ़ते और लिखते हैं।विधायक ने कहा कि स्थानीय भाषाओं की सूची में भोजपुरी और मगही को शामिल न किए जाने से गढ़वा और पलामू के युवाओं और छात्र-छात्राओं में असंतोष व्याप्त है। पूर्व में भी इन जिलों में स्थानीय भाषाओं को लेकर कई आंदोलन हो चुके हैं और लगातार यह मांग उठती रही है कि हिन्दी, भोजपुरी और मगही को क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी जाए।उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के परीक्षार्थियों के हित में क्षेत्रीय भाषा की सूची में संशोधन करते हुए हिन्दी अथवा भोजपुरी / मगही को शामिल करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे इन क्षेत्रों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में उचित अवसर मिल सके।

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